चंद्रपूर 10 मार्च ( सुशांत घाटे )
– “जिने के है चार दिन बाकी है बेकार दिन “कहते कहते वो अल्फाझो के दामन थामकर नयी थेरी का पाठ पढाने वाले चंद्रपूर जिले के एक सीमावर्ती ईलाके के ठाणेदार फिलहाल गरमजोशी के मियाज दिखाते नजर आ रहे है? अकेले अकेले रहते उन्हे बडा घमंड आ गया है?पेढे बाटणे वाला येह ठाणेदार फिलहाल अलग ही सूर लगाकर
– मेरा कौन क्या बिगाडेगा इस सुरत पर फिलाहाल ताथा-थैया करते नजर आ रहा है!गणेश
नाम के एक पुलीस सिपाही ने वसुली ना करुंगा बोलते ही? ठाणेदार का माथा ठणक गया,और उसे दाटणे लगा? जो कुछ है मैं देखूणगा बोलकर उसे खरी खोटी सुनायी और पंधरा तारीख तक पुरे ट्रान्सपोर्ट की और से मिलने वाली करीब चार लाख रुपयोकी रक्कम जमा करणे की खबर मिली है? एक dysp को अंधेरे में रखकर अपनी रोटीया तोडणे वाला वो ठाणेदार जल्द ही बेनकाब होने वाला है! वो कौन है… उसका नाम क्या….. फिलहाल एक सस्पेन्स बना हुवा है? जल्द ही इस विषय में डेली पोस्ट मार्टम विस्तृत तरिके से जानकारी प्रकाशित करणे वाला है ‼️‼️
-
सदर बातमी ही आमच्या अधिकृत माहिती स्रोत आणि गोपनीय माहितीच्या आधारे तयार केली आहे. कृपया कोणीही कॉपी करून पुर्नप्रकाशित करू नये.





