चंद्रपुर, दि. ११ नवंबर, सुनील तायडे
सुगंधित तंबाकू माफिया जयसुख ठक्कर पर स्थानिक अपराध शाखा ने करवाई कर बहोत बड़ी हिम्मत जुटाई है। मगर क्या चंद्रपुर जिले में ऐसे कई मनसुख बैठे है जो इस अवैध व्यापार में जुटे है इनके भी साम्राज्य क्या बालासाहेब खाड़े ध्वस्त कर पाएंगे ? पूरे चंद्रपुर जिले के छोटे बड़े कस्बों और शहरों मे सुगंधित तंबाकू का अवैध व्यापार कर रहे इनपर भी तगड़ी कारवाई हो ताकि इन तस्करों की लगाम कसी जाए। मनसुख तस्कर से भारी मात्रा में सुगंधित तंबाकू बरामद किया गया है। इसके बावजूद खुले बाजारोमे हर गली चौराहे में बिक्री तो शुरू है। क्या बालासाहेब खाड़े को इसकी जानकारी नहीं है ? अगर है तो अबतक इन तस्करो पर कारवाई क्यों नही हुई ? इसका जवाब बालासाहेब खाड़े ही दे सकते है ? अच्छे अच्छे घरानों के युवक युवतियां नशीले पदार्थो के आदि हो चुके है, मां बाप परेशान है। खुलेआम सिग्नेचर और पान पराग के पाउच में नशीले पदार्थ की बिक्री हो रही है, एक पाउच की कीमत लगभग 3 हजार रुपए है। ई सिगरेट 800 से 3000 में बेची जा रही है। और नशीले पदार्थो की बिक्री का मुख्यालय बाबूपेठ और बंगाली कैंप है। क्या पुलिस अधिकारियोको सही में इसकी कोई जानकारी नहीं है ? जो हवा सो हु़वा लेकिन अब चंद्रपुर का स्वास्थ बचाने की जिम्मेदारी स्वाभाविक रूप से पुलिस अधीक्षक पर है और वो पूरी जिम्मेदारी के साथ निभा भी रहे है। मजे की बात ये भी है की, जनविकास सेना अध्यक्ष पप्पू देशमुख ने पूरे पुलिस और जिला प्रशासन को कटघरे में लाकर खड़ा किया है। सभी अधिकारियों की शिकायत नागपुर के बड़े पुलिस अधिकारी छेरिंग दोरजे के पास की है। इस शिकायत का क्या हूवा आज तक किसीको पता नही चला। जयसूख जैसे अवैध धंदो में लगे सभी के ऊपर एक समान कारवाई हो। अभी चंद्रपुर की जनता चाहती है पूरी सुरक्षा जो नए पुलिस अधीक्षक शायद पूरी करेंगे।
सुनील तायडे संपादक डेली पोस्टमार्टम
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