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वेकोली प्रबंधन द्वारा गैरकानूनी रूप से महाकाली कॉलरी कामगारों  का स्थानान्तरन रद्द करने की राष्ट्रीय कोयला खदान मजदूर संघ इंटक की चेतावनी

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चंद्रपुर: १ सितंबर ( सुनील तायड़े )

गैरकानूनी रूप से महाकाली कॉलरी से कामगारों के स्थानान्तरण चंद्रपुर क्षेत्र के महाकाली कॉलरी से डी.आर.सी. और नांदगाँव खदान में किया गया, साथ ही साथ पत्र क्र. 3414 दि. 31.08.2021 के तहत 50 कामगारों का स्थानांतरण महाकाली खदान से गांदगाँव इंकलाइन में किया गया. कुल अब तक 152 कामगारों का स्थानांतरण महाकाली कॉलरी से चंद्रपुर क्षेत्र के दो खदानों में किया गया, वह और कुछ नहीं तो महाकाली खदान बंद करने की एक सोची समझी चाल है, वो भी वो खदान जिसका सर्वोत्तम दर्जे का है और अभी कम से कम दस वर्ष का कोयला शेष है, जिसका बंद होने से राष्ट्रीय संपत्ति के साथ साथ जिले का विकास एंव रोजगार पर बड़ा असर होगा संघ इस नीति का पुरजोर विरोध करता है चाहे यह निर्णय भारत सरकार कोयला उद्योग का हो या जिसकी भी नीति या निर्णय हो पूर्व में चंद्रपुर क्षेत्र की सि. आर. सी. एच. एल. सी. 1, एच.एल.ओ.सी., सिनाडा इन खदानों को कामगार उनके संगठनों के विरोध के बावजूद बंद किया गया और उसके उपरांत लालपेठ ओपन कास्ट को ठेकेदारी प्रथा से दुबारा शुरु भी किया जा चुका है, यह ठेकेदारी प्रथा को बढ़ाने का एकमात्र नया तरीका है। श्रीमान किसी भी खदान को शुरू करना या बंद करने का एक प्रोसेस होता है, जो कम से क महाकाली कॉलरी में कभी भी लागू नहीं हुआ, महाकाली कॉलरी अगर बंद करती थी तो कारण बताना चाहिए चलाने का प्रयत्न करना चाहिए और तो और बंद करने की अनुमति तो लेना चाहिए एवं अगर लिया है तो उसकी कॉपी संघ को दी जाये नोटिस बोर्ड में लगाई जाये, ताकि कामगारों को भी इसकी जानकारी हो। कामगार या उनके प्रतिनिधि से चर्चा किए बगैर खदान को इस तरह बंद करना और अगर चर्चा की भी गई है स्थानांतरण संबंधी तो उसके मिनिट्स प्रदान कराया जाये, रातो रात एक ऑर्डर निकाल देना यह ना कानून संगत है ना तो उद्योग संगत है ना कामगार हित में है, इसलिए ऐसे आदेश

  •  स्टैंडिंग ऑर्डरोकारों दोनों पर लागू है और यह है अगर एमर्जेन्सी है, तो क्या एमर्जन्सी है यह बताना पड़ेगा और उसके तहत ही स्थानांतरण किया जा सकता है पर स्थानांतरण करने के लिए कम से कम 2 सप्ताह को देना चाहिए, उसका भी पूर्ण तरह से उपल आपके प्रबंधन द्वारा किया गया है, हम विरोध करते है उपरोक्त दोनों ही सूरत और शक्ल में लिए गए स्थानांतरण को अविलंब रद्द किया जाये । स्थानान्तरण संबंधी जो निर्णय लिया गया है, वह भी पूर्णतः गलत है, क्योंकि इस समय जो स्थानांतरण किया गया है यह पूर्णतः गलत तरीके से किया गया है किसी भी स्थानांतरण के पहले दूसरी खदान जहा कामगार को स्थानांतरण कर रहे है वहाँ से उन्हें किया मद से कितने कामगार की जरूरत है. उस मद का कोई पत्र हो तो कृपया आपत्र को नोटिस बोर्ड में लगाया जाये संघ को उसकी प्रति दी जाये, साथ ही साथ वरिष्ठता के तहत जूनियर फर्स्ट सीनियर लास्ट की जो नीति है, उसके तहत क्या स्थानांतरण हुये हैं. यह भी बताया जाये, क्योंकि ऐसा नहीं किया गया, और भ्रष्टाचार की चासनी में कोली के नियमों के विरुद्ध स्वयं के स्वार्थ और फायदे के तहत स्थानांतरण किया गया है। संघ इसका विरोध और जांच की मांग करती है। इतना ही नहीं तो हमारे संघ में और कार्य श्रमिक संधी में प्रबंधन के इस नीति के विरुद्ध आंदोलन पत्र दिया है, अत: क्षेत्र में तनाव निर्माण ना होने इसकी जवाबदारी प्रबंधन से, और सभी उचित कानून और प्रचलित प्रणाओं के तहत कार्यवाई की जाये तक सभी स्थानांतरण रद्द किया जाये । अन्यथा होने वाले किसी भी अप्रिय परिस्थिति की जाबदारी और केवल आपकी रहेगी ।

सुनील तायड़े                                        संपादक                                  ९४२२१४००४५

 

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